poems in hindi

सफर

हर रास्ता कुछ कहता है
तु बस सुनता जा
ये मंजिल तो आएगी एक दिन
सफर तो यह करता जा

कभी एकेले चल रहा
कभी भीड में खो न जा
हर बस्तियों पे जश्न होगा
कही तु उनमें बैठ न जा

फुरसत

फुरसत मिले तो आ जाना
मेरी रुह से मिलाता हु
हर सास पे तुम्हारा नाम हैं
तुम्हें वो सुना देता हु

बिछडे हुए पलों को
याद में यु करता हु
कागज के पन्नों पर
तुम्हें कही लिख देता हु

जिद …

रास्तों को अब आजमाने दे
मंजिलों पर जश्न मनाने दे
अब दर्द को केह देना
मुसीबतों को और आने दे

मैं डट के खडा बता दे
कोशिश तो कर मुझे गिरा दे
हर पत्थर टुट जायेगा
पहाडों को अब बता दे

जिंदगी

कितना भी तोड मुझे
मै फिरसे जुड जाऊंगा
ये जिंदगी तु चलती रहे
मै दौडता चला जाऊंगा!!

तु भलेही साथ ना दें
मै साथ निभाऊगा
तेरे लिये नही जीता में
अपनों का रह जाऊंगा!!

Scroll Up