kavitaye

Friendship

यही तो शुरवात है अनजान होने की
आज आप busy हो जाओ
कल हम खों जाएंगे

बस यादें रेह जाएंगी
फिर number भी बदल जाएंगे

सफर

हर रास्ता कुछ कहता है
तु बस सुनता जा
ये मंजिल तो आएगी एक दिन
सफर तो यह करता जा

कभी एकेले चल रहा
कभी भीड में खो न जा
हर बस्तियों पे जश्न होगा
कही तु उनमें बैठ न जा

दुर्गा

जब जहा दुनिया बेबस
ताकद बनकर तु खडी
दुर्गा तेरी शक्ती अपार
संहार करने तु खडी

माता तु जननी है तु
प्यार की मुरत खडी
प्रेम का सागर है तु
दुनिया में ना दुजा कोई

आरजु

दुआयें मांगी थी
मिन्नतें मांगी थी
भगवान के दर पे
सब बातें कही थी

फिर भी न कोई आवाज
ना कोई मदत मिली थी
पत्थर दिल है भगवान
सच्ची आरजू न सुनी थी

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