एक वो आसु हैं जो आज भी
पलकों से गुफ्तगू करते हैं
हर पल ठहरते है
और तेरी ही बातें करते हैं

इंतजार जो तेरा होता
तो ये कुछ यादें दे जाते हैं

वो धरती हिन्दुस्थान हैं
जिसकी पैरो में समंदर
रोज जलाभिषेक करते हैं

वो धरती हिन्दुस्थान है
जिसका मस्तिष्क हमेशा
आकाश भी चुमते है

येसा देश है मेरा!!

हा यही तिरंगा है मेरा
भारत देश है मेरा
कणकण में बसता है
विभिन्नतओ का देश है मेरा

सम्मान है मेरा
भाषाओं में अनेक है देश मेरा
भिरभी जो एक है ऐसा
जग में महान है देश मेरा

ये चांद कुछ कहता है
गहरी इस रात को
कही तु उसे सुन ना लेना

कही है दर्द की वजह
तो कहीं है प्यार की बातें
कही तु उसे पढ ना लेना