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चलो बच्चो को बच्चे रहने देते हैं।।

चलो बच्चो को बच्चे रहने देते है!!
अनाथ बच्चों को अपना केहते है
कहीं मिले भूके पेठ तो
उसे खाना देते है

हर कली को खिलने देते है
लड़का और लड़की मै
फरक करना छोड़ देते है
हर बच्चे को पढ़ने देते है
बाल मजदूरी से विवश बच्चे का
आधार बनते हैं

चलो बच्चो को बच्चे रहने देते है!!!

जात पात धर्म से उन्हें
आगे रहने देते है
बुरी सोच से परे रहने देते है
सिख ऐसी हो उन्हें की
देश का उज्ज्वल भविष्य लिखने देते है

चलो बच्चो को बच्चे ही रहने देते है!!

खेलते दौड़ते जिंदगी का मजा लेने देते है
नादान होकर अपने आप को भूलने देते है
सभी रंगोसे प्यार करने देते है
जिंदगी दिल खोलकर जिने देते है

हा चलो बच्चो को बच्चे रहने देते है!!!

बुरी नजर से उन्हें दूर रहने देते है
सही और ग़लत का फैसला करने देते है
सभी महापुरषों का सम्मान करने देते है
हा वो बच्चे है उन्हें बच्चे ही रहने देते है

जिंदगी मै फिरसे लौटकर नहीं आता बचपन
इसीलिए चलो बच्चो को बच्चे ही रहने देते हैं !!!
-योगेश खजानदार


Yogesh khajandar

लेखक

16 thoughts to “चलो बच्चो को बच्चे रहने देते हैं।।”

  1. Jyadatr mai kavitaye marathi mai likhata hu .. isliye hindi kavitaye vartaninka muje jyada gyan nahi hai .. aap muje jarur sanshodhit karke bhej sakate hai .. dhanywad .. aap meri ye kavita mere mail id pr sanshodhit kr ke bhej sakte hai .. mail id hai .. khajandar_yogesh@yahoo.in .. aap ke hr sujav ka swagat hai .. dhanywad …

  2. श्री योगेश जी,
    आपकी कविता एक बहुत ही अच्छे उद्देश्य को लेकर लिखी गयी है.इसके लिए आप बधाई के पात्र हैं. बुरा न मानो तो एक बात कहना चाहता हूँ आपकी कविता में वर्तनी (grammar)सम्बंधियाँ काफी अशुद्धियाँ है यदि आप ठीक समझें तो मुझे भेज दें मैं संशोधित कर आपको भेज सकता हूँ.
    मेरा ईमेल id—-satyasheel129@gmail.com है.

  3. Kash sab samajh paaye aur yahi kahe. Bahut sundar abhivyakti hai.
    जिंदगी मै फिरसे लौटकर नहीं आता बचपन
    इसीलिए चलो बच्चो को बच्चे ही रहने देते हैं !!!
    -योगेश खजानदार

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