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जिद …

“रास्तों को अब आजमाने दे
मंजिलों पर जश्न मनाने दे
अब दर्द को केह देना
मुसीबतों को और आने दे

मैं डट के खडा बता दे
कोशिश तो कर मुझे गिरा दे
हर पत्थर टुट जायेगा
पहाडों को अब बता दे

अंधेरों से भी गिरा दे
धुप में भी यु जला दे
तुफान से केह देना
अपना रास्ता खुद बदल दे

चुनौतियों को अब कह दे
जिद ये तेरी छोड दे
पराजय तो तेरा होगा
चाहे कितनी भी कोशिश कर दे!!”

✍️ योगेश

Yogesh khajandar

लेखक

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