साथ

“क्यों न चले हम साथ
दुनिया तो छोटी है
मिलते रहे हम यहा
समय की कमी है

ना करो नफरत
ये सब झूठी है
प्यार बाटले
समय की कमी है

मै चलु तुम चलो
जिंदगी हसीन है
छोडिये शिकवे
समय की कमी है

साथ जाये छुट
आॅखो मे नमी है
चल हाथ थाम मेरा
समय की कमी है …!!”

-योगेश खजानदार

Yogesh khajandar

लेखक

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