भलाई

“सब जहा बिका मौत ना बिक पाई
क्यु तु खामखा दुनिया करे लढाई
आज तु है कल कोई और होगा
जितेजी तु दुनिया से कर भलाई
मिट जाये तेरा वजुद नाम रेह जायेगा
दो बुंद ऑसू के फिर दुनिया से मिट जायेगा
ये कल ना तेरा था आज ना तेरा है
फिर किस लिये चले तेरी ये लढाई
चल थाम इन्सानियत का हाथ
बाटले खुशियां अपने दोनो हाथ
इसमें ही है तेरी भलाई!!”

-योगेश खजानदार

Leave a Reply