संघर्ष || SANGHARSH || POEM || HINDI ||

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“संघर्ष से ही जिंदगी,
परास्त यु होती नही!!
राह मे पत्थर कई,
डरके यु बैठी नहीं!!

छोड अपनों के साथ,
जिंदगी ठहरी नही!!
बैठकर उस जगह,
राह ये बढती नही!!

मंजिले जो मिल गयी,
पुछती क्या है तुझे?
क्या है खोया क्या तु पाया,
जिंदगी चलती रही!!

संघर्ष से ही जिंदगी,
परास्त यु होती नहीं!!"

-योगेश