“फुरसत मिले तो आजाना!!
मेरी रुह से मिलाता हु!!
हर सास पे तुम्हारा नाम हैं!!
तुम्हें वो सुना देता हु!!

बिछडे हुए पलों को,
याद में यु करता हु!!
कागज के पन्नों पर,
तुम्हें कही लिख देता हु!!

आख जो नम हो जाये,
उसे संभाल लेता हु!!
कही दर्द सताने लगे तो,
उसे अपना बना लेता हु!!

फुरसत मिले तो आ जाना!!
तुम्हें तुमसे मिला देता हु!!
खोये हुए खुदको कही,
तुज में ढुंढ लेता हू!!”

✍️ योगेश