“समय से चलते कभी
यादे बहोत आती है
किसीके जाने की कमी
अहसास मुझे दिलाती है
आसुओं में दिखती जभी
नींदे क्यु चुराती है
इतजार की वो घडी
अपना वक्त दिखाती है
तुही बता जानेवाले
नाहक है तकलीफ ये
कैसे सही जाती है!!”

-योगेश खजानदार

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