“जब जहा दुनिया बेबस,
ताकद बनकर तु खडी!!
दुर्गा तेरी शक्ती अपार,
संहार करने तु खडी!!

माता तु जननी है तु,
प्यार की मुरत खडी!!
प्रेम का सागर है तु,
दुनिया में ना दुजा कोई!!

दुनिया अधुरी जहाँ,
संपुर्ण बनके तु वही!!
प्यार तु जहाँ भी तु,
दुनिया की ताकद तुही!!

दुर्गा है तु,
तेरी शक्ती अपार,
संहार करने तु खडी!!”

–योगेश खजानदार