“कितना भी तोड मुझे,
मै फिरसे जुड जाऊगा!!
ये जिंदगी तु चलती रहे,
मै दौडता चला जाऊगा!!

तु भलेही साथ ना दें,
मै साथ निभाऊगा!!
तेरे लिये नही जीता में,
अपनों का रह जाऊगा!!

इतना गुरूर ना कर तु,
तेरा गुरूर उतार जाऊगा!!
तु बेशक साथ छोड दें,
दिलों में जिंदा रह जाऊगा!!”

–योगेश खजानदार