आझादी

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“ये हवा चल मेरे साथ
मुझको खुद में मिला दे
तोडकर सरहदों को
सारी दुनिया घुमा दे

ये रंग जो बेरंग हो
मुझको वो रंग दे
बाट सके ना कोई
वेसे रंग में मिला दे

ये पंछी सुन ये बात
वो चैन मुझे दिला दे
उड जाऊ वो आसमां
वैसी आझादी दिला दे!!”

– योगेश खजानदार

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गुरु

Sat Aug 1 , 2015
असत्य से सत्य तक पाप से पुण्य तक राह जो दिखायें वह गुरु कहलाये स्वार्थ से निस्वार्थ तक गर्व से नम्रता तक शिष्य जो बनाये वह गुरु कहलाये